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Indian Railways/IRCTC: साल 2020-21 में 11 हजार से अधिक ट्रेनें देरी से चलीं, रेल मंत्री ने संसद में बताया क्‍या थी वजह..

   Indian Railways/IRCTC Update: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने बुधवार को बताया कि 2020-21 में कोहरा, चेन पुलिंग, आंदोलनों और खराब मौसम जैसे कारणों की वजह से कुल 11,806 ट्रेनें देरी से चलीं. उन्होंने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि ट्रेनों के देरी से चलने के लिए यात्रियों को मुआवजा देने का कोई प्रावधान नहीं है. वैष्णव ने कहा, ‘अप्रैल 2020 से मार्च 2021 तक कोहरा, आंदोलनों, खराब मौसम और अन्य कारणों से कुल 11,806 ट्रेनें देरी से चलीं.


वहीं, एक अन्य सवाल के जवाब में रेल मंत्री ने बताया कि रेलवे प्रीमियम ट्रेन वंदे भारत एक्‍सप्रेस के डिब्‍बे पंजाब के कपूरथला और उत्तर प्रदेश के रायबरेली स्‍थ‍ित अपने कारखानों में तैयार करने की योजना बना रहा है. रेल मंत्री ने बताया कि वर्तमान में वंदे भारत एक्‍सप्रेस के डिब्‍बों का निर्माण चेन्‍नई स्थित इंटिगरल कोच फैक्‍ट्री में किया जा रहा है. बता दें कि वंदे भारत ट्रेनों की शुरुआत साल 2019 में की गई थी और यह भारत की सबसे तेज गति से चलने वाली ट्रेन है. इस ट्रेन में लोकोमोटिव इंजन नहीं लगा हुआ है. यह ट्रेन 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकती हैं.
उन्होंने एक अन्य प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि रेलवे ने 2021-22 में 120 दिव्यांग लोगों की भर्ती की थी जो 2020-21 के आंकड़ों से 69 प्रतिशत कम है जिस दौरान पूरे देश में कुल 383 दिव्यांग लोगों की भर्ती की गयी थी. मंत्री के अनुसार रेलवे ने 2019-20 में 1,053 दिव्यांगों की भर्ती की थी. उन्होंने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि दिव्यांग जन अधिकार अधिनियम, 2016 के उल्लंघन का कोई मामला रेल मंत्रालय के संज्ञान में नहीं आया है.

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