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पूजा सिंघल और उनके सीए को चार-चार दिन की हिरासत बढ़ी, ईडी पूछताछ के जरिए पता करेगी सच्चाई

 इससे पहले 11 मई को प्रवर्तन निदेशालय ने पूजा सिंघल को गिरफ्तार करने के बाद इसकी जानकारी हेमंत सोरेन सरकार को दे दी थी। इसी के मद्देनजर राज्य सरकार ने 12 मई को उनके निलंबन का आदेश जारी कर दिया था।

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूजा सिंघल की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। ईडी के वकील बीएमपी सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने पूजा सिंघल और उनके CA सुमन कुमार को 4-4 दिन के लिए ED हिरासत में भेजा। हिरासत के दिन की शुरुआत कल से होगी। बहुत सारी चीजें है जो अभी विस्तृत रूप से पूछा जाएगा और इसलिए इन्हें आज ED हिरासत में भेजा गया है।



इससे पहले कोर्ट ने 11 मई को सिंघल और उनके सीएम को पांच दिन की हिरासत में भेजा था। इसी दिन प्रवर्तन निदेशालय ने पूजा सिंघल को गिरफ्तार करने के बाद इसकी जानकारी हेमंत सोरेन सरकार को दे दी थी। इसी के मद्देनजर राज्य सरकार ने 12 मई को उनके निलंबन का आदेश जारी कर दिया था।



क्या है मामला?
सिंघल एवं अन्य के खिलाफ यह मामला धनशोधन से जुड़ा है, जिसमें झारखंड सरकार के पूर्व जूनियर इंजीनियर राम विनोद सिन्हा को ईडी ने 17 जून 2020 को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया था। उससे पहले उसके खिलाफ राज्य सतर्कता ब्यूरो की प्राथमिकी का अध्ययन करने के बाद 2012 में एजेंसी द्वारा पीएमएलए के तहत मामला दर्ज किया गया था।


सिन्हा पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की आपराधिक धाराओं के तहत धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार से संबंधित आपराधिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। उस पर एक अप्रैल 2008 से 21 मार्च 2011 तक जूनियर इंजीनियर के रूप में काम करते हुए कथित तौर पर जनता के पैसे की धोखाधड़ी करके उसे अपने नाम के साथ-साथ अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर निवेश करने का आरोप है।


एजेंसी ने पहले कहा था कि उक्त धन को खूंटी जिले में मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) के तहत सरकारी परियोजनाओं के निष्पादन के लिए रखा गया था। सिन्हा ने ईडी को बताया कि "उसने जिला प्रशासन को पांच प्रतिशत कमीशन (धोखाधड़ी में से) का भुगतान किया है।"



केंद्रीय मंत्री बोले- भ्रष्टाचार में लिप्त नेताओं और अधिकारियों के खिलाफ उच्चस्तरीय जांच जारी

केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने सोमवार को भ्रष्टाचार में लिप्त नेताओं और अधिकारियों पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि झारखंड में भ्रष्टाचार से कथित तौर पर जुड़े अनेक नेताओं और सरकारी अधिकारियों के खिलाफ उच्चस्तरीय जांच चल रही है। केंद्र सरकार इस तरह की गतिविधियों के खिलाफ जब भी जरूरत पड़ेगी, अपना काम जारी रखेगी।


उन्होंने कहा कि कुछ ही दिन पहले झारखंड की खनन सचिव पूजा सिंघल को प्रवर्तन निदेशालय ने खूंटी में मनरेगा के धन के कथित गबन और अन्य संदिग्ध वित्तीय लेनदेन से जुड़े धनशोधन के मामले में गिरफ्तार किया है। चौबे ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार पिछले आठ साल से केंद्र की सत्ता में है लेकिन उसके खिलाफ भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं लगा है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जहां जरूरत पड़ेगी, जिहाद जारी रखेगी।


उन्होंने एक अन्य प्रश्न के उत्तर में कहा कि यदि कोयला खनन परियोजनाओं से पर्यावरण तथा पारिस्थितिकी संतुलन पर असर नहीं होता तो इसके लिए कोयला कंपनियों को मंजूरी देने में कोई देरी नहीं की जाएगी। चौबे ने कहा कि हम संबंधित राज्य सरकारों की सिफारिशों के बाद खनन गतिविधियों के लिए वन भूमि अंतरण करते हैं और ये खनन पर्यावरण अनुकूल होना चाहिए।


फिल्मकार अविनाश दास पर एफआईआर
गृहमंत्री अमित शाह के साथ झारखंड कैडर की आईएएस पूजा सिंघल की तस्वीर साझा करने पर गुजरात पुलिस ने फिल्मकार अविनाश दास के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सिंघल को प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया है। अहमदाबाद पुलिस की अपराध  शाखा के इंस्पेक्टर एचएम व्यास ने बताया कि दास ने 8 मई को अपने ट्विटर हैंडल से यह फोटो शेयर की थी। पांच साल पुरानी इस फोटो में शाह और सिंघल एक सार्वजनिक कार्यक्रम में दिख रहे हैं। व्यास ने बताया कि दास ने फोटो के के साथ गलत जानकारी साझा कर लोगों को गुमराह करने और मंत्री की छवि खराब करने का प्रयास किया। दास के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 469 (फर्जीवाड़ा) और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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