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कैराना: पलायन पीड़ित परिवारों से मिले अमित शाह, लोगों ने गृह मंत्री को बताया अपना हाल

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने UP विधान सभा चुनावों में पार्टी के कैंपेन की शुरूआत करते हुए शनिवार को कैराना से डोर टू डोर कैंपेन शुरू किया है. अमित शाह ने इस दौरान उन परिवारों से मुलाकात की जिन्हें 2017 से पहले कथित पलायन करना पड़ा था.


केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने कैराना से 2017 से पहले हिंदुओं के कथित ‘पलायन’ के मुद्दे पर जोर देते हुए शनिवार को कहा कि ‘यही कैराना है, जहां पलायन होता था, लेकिन अब पलायन कराने वाले खुद पलायन कर गए हैं.’

BJP ने शुरू किया डोर टू डोर कैंपेन

शाह ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपना घर-घर चुनाव प्रचार अभियान शुरू किया और इसके तहत उन परिवारों के घर पहुंचे, जो कथित पलायन के बाद यहां लौट आए हैं. उन्होंने कहा कि कैराना के लोग अब डर में नहीं रह रहे हैं. उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था की संतोषजनक स्थिति विकास की प्राथमिक शर्त है और योगी आदित्यनाथ सरकार ने उत्तर प्रदेश में इसे सुनिश्चित किया है.

गलियों में टहले अमित शाह

कड़ाके की ठंड के बीच बारिश से भीगी गलियों में शाह ने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ घर-घर प्रचार किया. इस दौरान उनके साथ कैराना से भाजपा प्रत्याशी मृगांका सिंह, गन्ना मंत्री सुरेश राणा व सांसद प्रदीप चौधरी भी मौजूद थे. शाह के साथ जो भाजपा कार्यकर्ता थे उन्होंने भगवा टोपी पहन रखी थी और भाजपा का चुनाव चिन्ह लिया हुआ था. भाजपा कार्यकर्ता ‘जय श्रीराम’ और ‘भारत माता की जय' के नारे लगा रहे थे. शाह ने इस दौरान लोगों को भाजपा सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए पर्चे बांटे. शाह ने घर-घर जाकर लोगों से आगामी 10 फरवरी को भाजपा के पक्ष में मतदान करने की अपील की.

भाजपा के लिए अहम है कैराना सीट

विधान सभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद उत्तर प्रदेश में शाह का यह पहला राजनीतिक कार्यक्रम है. कैराना का चुनाव महत्वपूर्ण है, क्योंकि भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया था कि समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार के कार्यकाल के दौरान खतरों के कारण बड़ी संख्या में हिंदू क्षेत्र से पलायन करने के लिए मजबूर हुए थे. भाजपा ने इसे 2017 में एक बड़ा चुनावी मुद्दा बनाया था. भाजपा के शीर्ष नेता हाल की चुनावी रैलियों में योगी सरकार के तहत राज्य में बेहतर कानून व्यवस्था की स्थिति का दावा करते हुए फिर से इस मुद्दे को उठा रहे हैं.

योगी की कानून व्यवस्था पर जताया भरोसा

शाह उन परिवारों से मिले, जिनके सदस्यों को सपा के शासन के दौरान कथित तौर पर पलायन के लिए मजबूर किया गया था. शाह ने पत्रकारों से कहा, ‘किसी भी राज्य के विकास के लिए पहली शर्त यह होती है कि उसकी कानून-व्यवस्था सही हो. यही कैराना है, जहां से पहले लोग भागते थे और आज जब मैं इधर-उधर गया तो लोगों ने मुझसे कहा कि मोदीजी की कृपा हो गई. योगी जी ने कानून व्यवस्था में सुधार किया है. पलायन को मजबूर करने वालों को पलायन करना पड़ा है. हम राज्य के लोगों में ऐसा आत्मविश्वास देख रहे हैं. मुझे लगता है कि आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश भारत का सबसे विकसित राज्य बनेगा.’

'पलायन कराने वाले खुद पलायन कर गए'

शाह ने कहा कि 2014 के बाद वह पहली बार कैराना आए हैं. उन्होंने कोविड के कारण घर-घर जाकर संपर्क किया. शाह के मुताबिक, इस दौरान पलायन पीड़ित परिवार ने उनसे कहा, ‘अब हमें कोई डर नहीं हैं, हम शांति के साथ व्यापार कर रहे हैं, हमें पलायन कराने वाले पलायन कर गए हैं.’ उन्होंने कहा, ‘मुख्यमंत्री योगी ने विकास की गति को तेज किया है. पूरे देश में विकास की लहर दिखाई देती है. हर गरीब को सुविधाएं दी जा रही हैं.’ उन्होंने कहा कि 2014 में नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार बनने और 2017 में प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्‍व में सरकार बनने पर समग्र विकास हुआ है.

लोगों ने शाह को बताया अपना हाल

केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘आज मैं कैराना में पलायन पीड़ित मित्तल परिवार के साथ बैठा, परिवार के 11 लोग मौजूद थे. वे सभी पहले पलायन कर गए थे और अब यहां दोबारा आकर सुरक्षित माहौल में अपना व्यापार कर रहे हैं.’ शाह ने मतदाताओं से भाजपा को वोट देने की अपील करते हुए कहा कि अगर उत्तर प्रदेश में कानून और व्यवस्था की स्थिति को बरकरार रखना है, तुष्टिकरण को खत्म करना है, एक जाति के लिए काम करने वाली सरकारों के चलन को खत्म करना है और मोदी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश का विकास करना है तो फिर से इस प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा की सरकार प्रचंड बहुमत से बनानी है.

अमित शाह ने कहा, ‘अगर कोविड दिशा-निर्देशों के कारण हमारे कार्यकर्ता आप तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, तो आप भाजपा की 5 साल की कड़ी मेहनत और मोदी जी के साढ़े सात साल की उपलब्धियों को ध्यान में रखते हुए सुबह जल्दी मतदान करें.’ उन्होंने विश्वास जताया कि भाजपा 403 सदस्यीय उत्तर प्रदेश विधान सभा में 300 सीटें जीतेगी. उन्होंने सड़कों, हवाई अड्डों और चिकित्सा कॉलेजों के निर्माण और गरीबों के लिए रसोई गैस का प्रावधान, शौचालय, कोविड के दौरान मुफ्त टीके और मुफ्त राशन सहित सरकार की विभिन्न उपलब्धियों को गिनाया. शाह ने कहा, ‘इन सभी योजनाओं को मोदी जी ने भेजा और योगी जी ने जमीनी स्तर पर लागू किया.’

भाजपा की उम्मीदवार हैं मृगांका सिंह

भाजपा ने कैराना से रालोद-समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार इकरा हसन के खिलाफ कई बार सीट जीतने वाले दिवंगत नेता हुकूम सिंह की सबसे बड़ी बेटी मृगांका सिंह को मैदान में उतारा है. सपा द्वारा दागी विधायक नाहिद हसन को टिकट देने को लेकर राजनीतिक विरोधियों द्वारा उस पर निशाना साधे जाने के बाद पार्टी ने इकरा हसन को मैदान में उतारा है. नाहिद हसन को 15 जनवरी को नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद गैंगस्टर अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था.

पार्टी को शाह की सोच पर भरोसा

आपको बता दें कि कैराना पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शामली जिले में एक नगर और नगरपालिका बोर्ड है. शाह को फिर से आगामी विधान सभा चुनावों के लिए पार्टी के प्रचार अभियान की देखरेख का काम सौंपा गया है, क्योंकि ऐसा समझा जाता है कि उन्हें राज्य में जाति समीकरण की अच्छी समझ है और व्यक्तिगत रूप से सभी निर्वाचन क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय है. वह 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों और राज्य में 2017 के विधान सभा चुनावों में भाजपा की शानदार जीत के मुख्य सूत्रधार थे. उत्तर प्रदेश विधान सभा के लिए 7 चरणों में मतदान 10 फरवरी से शुरू होगा.

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