Ticker

6/recent/ticker-posts

Advertisement

सामूहिक दुष्कर्म की शिकायत करने थाने गई थी नाबालिग; पुलिस वालों ने भी लूट ली अस्मत

 इस मामले में पुलिस ने थाने के पांच सिपाही और एक एसएचओ समेत सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. घटना के सिलसिले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और आरोपी थानाध्यक्ष की तलाश जारी है.


उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में सामूहिक बलात्कार की शिकायत दर्ज कराने आई एक 13 साल की किशोरी के साथ थानाध्यक्ष ने कथित रूप से दुष्कर्म किया. इस मामले में आरोपी पुलिस अफसर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और थाने के अन्य सभी पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है. पुलिस ने बताया कि घटना के सिलसिले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और आरोपी थानाध्यक्ष की तलाश जारी है.


भोपाल में युवती के साथ हुआ था सामुहिक दुष्कर्म  
लड़की की मां का आरोप है कि 22 अप्रैल को चार लोग उसकी बेटी को भोपाल ले गए थे जहां उन्होंने तीन दिनों तक उसके साथ बलात्कार किया और बाद में उसे पाली थाने के बाहर छोड़कर भाग गए. लड़की जब 27 अप्रैल को मुकदमा दर्ज कराने थाने गई तो थानाध्यक्ष ने भी उसके साथ बलात्कार किया. बाद में लड़की ने स्वैच्छिक संस्था चाइल्डलाइन पहुंचकर काउंसलिंग के दौरान पूरी घटना बताई.


27 अप्रैल को पाली थाने में लड़की के साथ दोबारा हुआ बलात्कार 
पुलिस सूत्रों ने बुधवार को बताया कि कथित पीड़िता की मां ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि उनकी बेटी 27 अप्रैल को पाली थाने में मामला दर्ज कराने गई थी. शिकायत के अनुसार, बयान दर्ज कराने के बहाने थानाध्यक्ष तिलकधारी सरोज उसे अपने कमरे में ले गया और उसके साथ बलात्कार किया. कानपुर जोन के अपर पुलिस महानिदेशक भानु भास्कर ने बताया, ‘‘इस मामले में थानाध्यक्ष तथा पीड़ित किशोरी की मासी समेत छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. 


24 घंटे के भीतर रिपोर्ट देने का आदेश
भास्कर ने बताया कि झांसी के पुलिस उप महानिरीक्षक जोगेन्द्र कुमार को मामले की जांच सौंपी गयी है. उन्हें 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट देने को कहा गया है. उन्होंने बताया कि इस मामले में पाली के थानाध्यक्ष को निलंबित करने के साथ-साथ थाने के अन्य सभी पुलिसकर्मियों को लाइनहाजिर कर दिया गया है.


सरकार ने कहा, आपराधिक मामलों का राजनीतिकरण न करे विपक्ष 
इस घटना को लेकर विपक्षी दल सरकार पर जमकर निशाना साध रहे हैं. वहीं, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने विपक्षी दलों से कहा कि वे आपराधिक मामलों का राजनीतिकरण न करें. उन्होंने कहा, “सरकार इस मामले को फास्ट ट्रैक अदालत में ले जाएगी और घटना में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ इतनी सख्त कार्रवाई होगी कि उनकी अगली पीढ़ियां तक कराह उठेंगी. उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई होगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा.

Post a Comment

0 Comments